
[Verse 1] कभी ये दल कभी वो दल दलदल में है देश हमारा नेताओं की भ्रष्टाचारी रिश्वतखोर अफसरों की अत्याचारी पढ़े लिखे नौजवानों की बेरोजगारी देश के हर मोड़ पे खड़ा मजदूर दिहाड़ी फाइलें घूमे, फैसला झुके सच्चाई बोले तो चेहरे सूखे धूल जाते हैं सब पाप इनके ध्यान भटका के, ज्ञान बाँट के बन जाते हैं प्रदेश के प्रधान जाहिलों की जमात, कैसा विधान [Pre-Chorus] हर कुर्सी पे वही चेहरा हर वादा निकला बस दिखावा अँधेरों में डूबता जाए सपनों का टूटा हुआ नाव [Chorus] कभी ये दल कभी वो दल दलदल में है देश हमारा कभी ये दल कभी वो दल दलदल में है देश हमारा (देश हमारा) (देश हमारा) [Verse 2] हर फैसले में पक्षपात है सच के गले पे जकड़ा हाथ है मजदूर पसीना, नेता मिठाई जनता के हिस्से बस लड़ाई महँगाई काटे घर का निवाला झूठ ने पहना सत्ता का पाला हर मोड़ पर सुनते हैं बेमानी इंसाफ़ की आँखों में बेरुख़ी पानी अँधेरों में डूबता जा रहा है देश हमारा डूबते देश को अब है कॉकरोच जनता पार्टी का सहारा [Bridge] कब तक ऐसे ही सहेंगे कब तक चुप हम बैठेंगे एक ही आवाज़ उठानी है इस दलदल को तोड़नी है [Chorus] कभी ये दल कभी वो दल दलदल में है देश हमारा कभी ये दल कभी वो दल दलदल में है देश हमारा (देश हमारा) (देश हमारा)
