
[Verse 1] तेरे बिना ये शाम भी, अधूरी सी लगती है, मेरी हर खुशी अब, मजबूरी सी लगती है... जिस हाथ को पकड़कर, दुनिया भूल गए थे, वही हाथ आज किसी और का हो गया है... [Pre-Chorus] मैंने तो तुझे अपनी दुआओं में रखा था, तूने मुझे बस एक कहानी समझा था... [Chorus] क्यों छोड़ गए तुम मुझे, बीच राहों में, मैं आज भी खड़ा हूँ उन्हीं निगाहों में... तू तो चली गई, नए सपनों के साथ, मैं रह गया तेरी पुरानी यादों के पास... [Verse 2] बारिश भी अब तेरी तरह, भीगाकर जाती है, हर बूंद मुझे तेरे ही ग़म की, याद दिलाती है... खिड़की के पास बैठा हूँ, चुपचाप बहुत, तेरी कमी अब सांसों में, उतर जाती है... [Pre-Chorus] मैंने तो तुझे अपनी दुआओं में रखा था, तूने मुझे बस एक कहानी समझा था... [Chorus] क्यों छोड़ गए तुम मुझे, बीच राहों में, मैं आज भी खड़ा हूँ उन्हीं निगाहों में... तू तो चली गई, नए सपनों के साथ, मैं रह गया तेरी पुरानी यादों के पास... [Bridge] अगर लौट आओ तो, मैं कुछ न कहूँगा, बस टूटे हुए दिल को, फिर से सहलाऊँगा... तेरी हँसी के नाम पर, जो जख्म बचे हैं, उन्हें अपनी चुप्पी से, मैं भर लूँगा... [Chorus] क्यों छोड़ गए तुम मुझे, बीच राहों में, मैं आज भी खड़ा हूँ उन्हीं निगाहों में... तू तो चली गई, नए सपनों के साथ, मैं रह गया तेरी पुरानी यादों के पास...
